Thursday, January 5, 2023

 









No comments:

Post a Comment

सरताज

खामोश तुम हो बेआवाज हूं मैं बेचैन बदहवास  परवाज हूं मैं तुम्हारे ही चर्चे  जमाने भर में हैं  हिजरत-ए-वफा  गमनवाज हूं मैं बेदखल आंखे बरसती रह...