Friday, April 3, 2026

ऐ इश्क बता

ऐ इश्क बता क्या मेरी हैं खता
क्यूं रूठा अब तक हैं हमसे?
जिस मोडपे तुझसे मिलना चाहे
वही होती मुलाकात है गमसे!

वो गुजरा जमाना आता याद
खोले दिल हम गाया करते
तारोंसे तब सीखा बाते करना
हाल उनका चंदासे पूछा करते
हम दिल को लिए फिरे हाथोंपर
लेकिन ना मिला दिलबर दिलसे!


गलियों कूचो में गूंजी थी
जो आहें भरी थी मनमे
कुछ तो आयेंभी छलकाते
मयके प्यालें रख आंखोंमे
हमनें तो बस जाना के वफा
हैं नाम इबादत का तुझसे!


अब कुछ भी कर जायें 'रोशन'
दिवानो मे गिने हम जायेंगे
दर्द की तर्जपें हमारे नगमें
दुनियावाले तडतपे पायेंगे
प्यासा दिल तो ये चाहे बस
बनके वो घटा हमपर बरसे!

ऐ एश्क बता क्या मेरी है खता
क्यूं रूठा अब तक हैं हमसे?
जिस मोडपे तुझसे मिलना चाहे
वही होती मुलाकात है गमसे!

- संदीप भानुदास चांदणे (रविवार, १५/११/२०२०)

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