Friday, March 18, 2022

पहाटेचा चंद्र

आज पहाटेशी मला
चंद्र दिसला तोऱ्यात
जणू तीट अंधाराला
कुणी लावला नभात

गोलाकार अति काया
रूप चंदेरी साजिरे
साऱ्या तारामंडळाला
फिके फिके करणारे

नभी नवल पाहिले
खळखळून हसताना
त्याचे रात्रीचे आयुष्य
भरभरून जगताना

- संदीप चांदणे (शुक्रवार, १८/०३/२०२२)

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